आजकल हर जगह यही धिसा पिटा ज्ञान दिया जाता है – धूप में बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन ज़रूर लगाओ। यह बात बिल्कुल सही है, लेकिन एक बहुत ज़रूरी सवाल अक्सर अनदेखा रह जाता है। Pigmentation ke liye sunscreen कौन-सी सही होती है?
क्योंकि अगर आप गलत sunscreen इस्तेमाल कर रहे हैं, तो वह pigmentation को कम करने के बजाय और गहरा कर सकती है।
Lifexa की विशेष रिसर्च :-
Lifexa की टीम ने pigmentation और sunscreen पर गहराई से रिसर्च की।हमने पाया कि pigmentation या melasma वाली skin heat और irritation के प्रति ज़्यादा sensitive होती है। तो मार्केट में मिलने वाली कई popular sunscreens chemical-based होती हैं, जो कुछ लोगों में जलन heat sensation,pigmentation को ज्यादा trigger कर सकती हैं।
👉 इसलिए pigmentation ke liye sunscreen चुनते समय ingredients समझना बहुत ज़रूरी है।

Pigmentation ke liye Sunscreen: Chemical vs Mineral
Chemical Sunscreen की सच्चाई:-
ये सूरज की किरणों को सोख लेती हैं और त्वचा के अंदर गर्मी बना देती हैं। झाइयाँ heat के प्रति super sensitive होती हैं। गर्मी के कारण मेलेनिन ज्यादा बनता है। जिससे झाइयाँ दोगुनी dark दिखाई देती है।
पहचान:- पीछे Oxybenzone, Avobenzone, Octisalate लिखा है तो ये CHEMICAL वाली है जो झाइयों वालों के लिए risky है।
Mineral Sunscreen का कमाल:-
Zinc Oxide + Titanium Dioxide surface पर ही UV rays को वापस भेज देती हैं। कोई heat, कोई irritation झाइयों के लिए #1 choice है।
हमारी विशेष सलाह:-
- ✅ झाइयों के लिए = Mineral/Tinted Mineral
- ❌ Avoid = Chemical (Oxybenzone वाली)
यह भी जानें:- क्या आपकी क्रीम झाइयां (Pigmentation) मिटाने में फेल हो गई? जानिए वो 3 असली कारण जो कोई नहीं बताता।
SPF और PA का आसान गणित

हमारी Pro Tip:- SPF 30 = 97% UVB block, SPF 50 = 98%। फर्क सिर्फ 1% लेकिन safety margin double हो जाता है। अब आप देख लो कौनसी खरीदना है।
सही तरीका – 2 Finger Rule 🖐️
- दो उंगलियों = 1/2 चम्मच = चेहरा+गर्दन
- धूप में जाने से 15 मिनट पहले लगाओ
- थपथपाओ (रगड़ो मत)
- हर 2-3 घंटे REAPPLY!
हमारी Research: 80% लोग गलत quantity लगाते हैं। Result? झाइयाँ बनी रहती हैं।
Lifexa की Smart Buyer Checklist
सनस्क्रीन उठाओ → पीछे देखो → ये 3 check करो:-
| ❌ DANGER Signs | ✅ SAFE Signs |
| Oxybenzone, Avobenzone | Zinc Oxide, Titanium Dioxide |
| Alcohol Denat | Mineral Based लिखा हो |
| Fragrance/Parfum | Tinted (extra bonus) |
INSTANT TEST:- शीशी हिलाओ। White cast बने = Mineral, Clear liquid = Chemical
गलत सनस्क्रीन के 7 खतरे (Real Cases):-
1. Heat irritation → मेलेनिन spike
2. Pore clogging → acne + pigmentation
3. Hormone disruption (Oxybenzone)
4. Photosensitivity → झाइयाँ dark
5. White cast नहीं = protection कम
6. Sting/burn → inflammation
7. Patchy application → UV gaps
हमारे डॉक्टर्स की Final सलाह
Pigmentation-prone skin के लिए TOP 3:-
1️⃣ Zinc Oxide 15%+ (SPF 50 PA++++)
2️⃣ Tinted Mineral (color match perfect)
3️⃣ Reapply every 2.5 hours (no excuse!)
Disclaimer:- अगर rosacea, eczema या active skin treatment चल रही है तो dermatologist से confirm करो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या सनस्क्रीन वाकई पिगमेंटेशन (झाइयों) को कम कर सकता है?
जवाब: हाँ, लेकिन सनस्क्रीन झाइयों को सीधे तौर पर ‘मिटाता’ नहीं है, बल्कि यह मेलानिन के उत्पादन को रोक देता है। जब आप सनस्क्रीन लगाते हैं, तो UV किरणें पुरानी झाइयों को और गहरा नहीं कर पातीं, जिससे आपकी स्किन को खुद को रिपेयर करने का समय मिल जाता है।
Q2. पिगमेंटेशन के लिए SPF 30 बेहतर है या SPF 50?
जवाब: 2026 की रिसर्च के अनुसार, SPF की संख्या से ज़्यादा जरूरी उसका ‘Mineral Base’ होना है। हालांकि, भारतीय मौसम के हिसाब से SPF 50 बेहतर सुरक्षा देता है, बशर्ते उसमें ‘Zinc Oxide’ मौजूद हो।
Q3. क्या घर के अंदर रहने पर भी सनस्क्रीन लगाना ज़रूरी है?
जवाब: बिल्कुल! पिगमेंटेशन वाली स्किन के लिए Blue Light (मोबाइल, लैपटॉप) और खिड़कियों से आने वाली UVA किरणें सबसे बड़ी दुश्मन हैं। Lifexa का नियम है: “अगर आप अखबार पढ़ सकते हैं, तो धूप की रोशनी आप तक पहुँच रही है और आपको सनस्क्रीन की ज़रूरत है।”
